मौर्योत्तर काल में विदेशी राजाओं का शासन में यूनानी संपर्क का प्रभाव

यूनानी संपर्क का प्रभाव

         इन शासकों ने भारी संख्या में सिक्के जारी किए हिन्द यवन भारत के पहले शासक हुए जिनके जारी किए गए सिक्कों के बारे में निश्चित रुप से कहा जा सकता है कि यह किन किन राजाओं के हैं यूनानियों के प्रभाव से भारतीय सिक्कों पर राजाओं का नाम व तिथियां उत्कीर्ण की जाने लगी। भारत में सर्वप्रथम सोने के सिक्के यूनानी शासकों द्वारा ही जारी किए गए।

स्ट्रैटो द्वितीय ने शीशे के सिक्के जारी किए थे इससे हिंद यवन शासक का शासन 25 ईसा पूर्व से 10 ईसवी तक माना जाता है इन शासकों ने भारत में पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में यूनान की कला का प्रचलित कराएं जिससे हेलेनिस्टिक आर्ट कहते हैं भारत में गांधार कला इस का उत्तम उदाहरण है तपश्यारत  बुद्ध का दृश्य गांधार कला का सर्वोत्तम उदाहरण हैं।

 सप्ताह का 7 दिनों में विभाजन विभिन्न ग्रहों के नाम प्रथम व नक्षत्रो को देखकर भविष्य बताने की कला भारत में यूनानी ओं से सीखी गई । उन्होंने पर्दे का प्रचलन आरंभ कर भारतीय नाट्य कला के विकास के में भी योगदान दिया पर्दा यवनिका के नाम से प्रचलित हुआ भारती काली मिर्च यूनानी एंव रूम वासियों को बहुत प्रिय थी इसलिए प्राचीन संस्कृति ग्रंथों में इसे अमनप्रीत कहा गया है इसकी यूनान एवं रूम में बहुत अधिक मांग थी ।

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