(1) अकबर के काल की चित्रकला ------ इस काल के चित्रकारों ने तुजुके - बाबरी, दास्ताने - अमीर - हम्जा, तारीखे - खानदाने - तैमूरिया, बादशाहनामा, जफरनामा, चंगेजनामा, रामायण, नल - दमयन्ती, कालिया - दमन आदि पुस्तकों में असंख्य चित्र बनाए।अकबर के समय में प्रमुख चित्रकार मीर सैयद अली, ख्वाजा अब्दुल समद, केशव, जगन्नाथ, धनराज, शंकर, महेश, भूरा, अनन्त आदि थे।
(2) जहाँगीर के काल की चित्रकला ------ जहाँगीर के शासनकाल में चित्रकला की विशेष उन्नति हुई । जहाँगीर के शासनकाल मेेें चित्रकारों ने सभी विषयो पर आधारित चित्र बनाए, जिनमेेें मानवीय चित्र, नदियोंं के चित्र, शिकार के दृश्य, प्राकृतिक सौंदर्य, फूल - फल, पशु और पक्षियों के चित्र प्रमुुुुख हैैैं । अंग्रेेेेज राजदूत सर टामस रो ने जहाँगीर के काल की चित्रकला की बड़ी प्रशंसा की है ।इस समय का महान चित्रकार उस्ताद मंसूर था, जिसनेे मूक पशुुुुओं के जीवन्त चित्र बनाए ।अन्य चित्रकारो मेेें हिरात के आगार खा , अबुल हसन और समरकंद के मुहम्मद नादिर और मुहम्मद मुुराद थे । हिन्दूू चित्रकारों मेेें बिशनदास , मनोहर माधव, तुुुलसी गोवर्धन आदि थे । फारसी शैली का महान फारूक बेग भी जहाँगीर केे दरबार मेेें रहता था ।जहाँगीर का शासनकाल चित्रकला के विकास का स्वर्ण युग माना जाता है, क्योंकि इस युुग मेेें चित्रकला का सर्वाधिक विकास हुआ ।