मौद्रिक नीति ( भाग २ )

  • मौद्रिक नीति से आशय रिजर्व बैंक द्वारा करेंसी मुद्रा की पूर्ति एवं प्रचलन, साख मुद्रा का प्रचलन व नियंत्रण नीति से होता है|

  • बाजार अर्थव्यवस्था में व्यवसायिक सौदों में मुद्रा की तुलना में साख मुद्रा का अधिक प्रयोग होता है ।

  • संयुक्त राज्य अमेरिका में पिछले तीस सालों में फेडरल ब्याज दर 0.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत के बीच रही है जबकि भारत में पिछले 30 सालों में केन्द्रीय बैंक की ब्याज दर 6.0 से 8.0 प्रतिशत के बीच अर्थात अमेरिका से चार गुना रही है| इसलिए भारतीय उद्योगपतियों की तुलना में भारत में प्रत्यक्ष निवेश करने वाले अमेरिकी उद्योगपति सदैव ही बहुत बेहतर स्थिति में रहते हैं|

  • वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मौद्रिक नीति बनाने में रिजर्व बैंक गवर्नर की स्वायत्तता खतम करते हुए संसद से अनुमोदन लेकर जून 2017 में 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की व्यवस्था का ऐलान कर दिया, इस समिति में तीन सदस्य वितमंत्रालय द्वारा मनोनीत किए जाने की व्यवस्था की गई है| 

  • मौद्रिक नीति उपकरणों में केवल ब्याज दर ही नहीं इसके अनेक उद्देश्य एवं आयाम होते हैं किन्तु ब्याज दर सबसे महत्वपूर्ण घटक होती है ।

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