सर छोटू राम का -एक था किसानों का मसीहा

हाल ही में किसानों के नेता सर छोटू राम की 64 फीट ऊँची मूर्ति का अनावरण किया गया।

यह मूर्ति हरियाणा में उनके गाँव सांपला में लगाई गई है।

सर छोटू राम का परिचय

छोटू राम का जन्म 1881 में पंजाब के रोहतक (अब हरियाणा) में हुआ था। छोटू राम का असली नाम राय रिछपाल था।
वह सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली के छात्र रहे।

सर छोटू राम को 1937 में नाइट की उपाधि दी गई थी।

वह नेशनल यूनियनिस्ट पार्टी के संस्थापक थे। सर छोटू राम को अविभाजित पंजाब का राजस्व मंत्री बनाया गया था।

वह स्वतंत्रता से पहले किसानों को सशक्त बनाने और किसान-समर्थक कानून लागू करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

आधुनिक अवधारणाओं जैसे-कर्ज निपटान बोर्ड, ब्याज पर कैप्स, कृषकों हेतु मूलभूत निष्पक्षता को 1930 के इन्ही कानूनों में शामिल किया गया था।
उन्हें भाखड़ा बांध के जनक के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने 1923 में भाखड़ा बांध की कल्पना की थी।

वह किसानों द्वारा खेती पर किये गए खर्च के लिये क्षतिपूर्ति देने की अवधारणा के भी जनक थे, यही अवधारणा ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ के रूप में विकसित हुई है।

सर छोटू राम देश के पहले बड़े कृषि सुधारक के रूप में उभरे जो कृषिविदों के पक्ष में खड़े रहे तथा उनके अधिकारों के लिये लड़े।
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