यह अधिनियम भारत में 1 अप्रैल, 1962 से प्रभावी हुआ भारत में समान रूप से लागू होता है। 298 धाराओं, अनेक उप धाराओं एवं 14 अनुसूचियां में विभक्त यह अधिनियम वर्तमान आयकर व्यवस्था का आधार है। इस अधिनियम के सुगम संचालन के लिए आयकर नियमावली 162 बनाई गई है। आयकर एवं विभिन्न देशों में प्रति वर्ष वित्तीय अधिनियम पारित कर के परिवर्तन एवं संशोधन किए जाते हैं। इस प्रकार वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत कर निर्धारण, कर वसूली, कर प्रशासन एवं वापसी आदि का संचालन नियमन किया जाता है।
निम्नलिखित तीन अधिनियम एवं परिनियमों के अंतर्गत किया जाता है :-
- आयकर अधिनियम, 1961
- आयकर नियमावली, 1962
- वार्षिक वित्त अधिनियम, 2012-13
आयकर अधिनियम 1961 के उद्देश्य
आयकर अधिनियम, 1961 के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- सरकार की आय उत्पति को सुनिश्चित करना।
- धोखा-धड़ी और कर चोरी को रोकना।
- देशों को कट कर निराकरण तथा कर जमा करने के लिए एक कानूनी ढांँचा और तरीका देना।
- कर चोरी पर सजा तथा जुर्माना लगाना।
- कर भुगतान, कर वापसी आदि की व्यवस्था बनाना।
- अपील और पुनर्विचार के लिए ट्रिब्यूनल की स्थापना करना