सिराको-
सिराको पवन सहारा मरुस्थल से उत्तरी अफ्रीका, सिसली तथा दक्षिण इटली से गुजरने वाली अत्यधिक आर्द्र या शुष्क एवं उष्ण दक्षिण या दक्षिण -पूर्वी पवन को सिराको कहते हैं । अफ्रीका में इसको कई स्थानीय नामों से जानते हैं जैसे मिस्र में खमसिन, लीबिया में गिब्ली, ट्यूनीशिया में चिली आदि नामों से पुकारते हैं । अरब के रेगिस्तान में चलने वाली गर्म शुष्क हवा को शिमुक कहते हैं । सिराको हवा के साथ लाल रेत की मात्रा भी अधिक होती है। जब यह हवाएं भूमध्य सागर से होकर गुजरती हैं तो नमी धारण कर लेती हैं और दक्षिण इटली में कभी-कभी वर्षा भी करती है। जब लाल रेत नीचे बैठने लगती है, तो लगता है कि रक्त वृष्टि(वर्षा) हो रही है । इटली में इसका नाम सिराको है । यह हवाएं प्रायः हर मौसम में चलती हैं परंतु बसंत काल में जबकि भूमध्य सागर पर चक्रवात अधिक सक्रिय होते हैं , अधिक व्यवस्थित हो जाती है । इन हवाओं का बनस्पति , कृषि तथा फलों के बाग पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है । स्पेन , इटली आदि में इसके आगमन से अंगूर तथा जैतून की फसलों को अधिक क्षति होती है । क्योंकि इनके फूल झड़ जाते हैं सिमुक अत्यंत गर्म, शुष्क तथा तूफानी होती है तथा रेत की आंधियां लाती हैं जिसमें दृश्यता समाप्त हो जाती है ।
हरमटृन-
पश्चिम अफ्रीका में और मुख्यतः सहारा में गर्म अति शुष्क और धुलीमय चलने वाली प्रचंड उत्तर-पूर्वी पवन को हरमटन कहते हैं । यह पवनें कभी इतनी गर्म और शुष्क होती हैं कि वृक्षों के तनों में दरार तक पैदा कर देती है । यह पवनी गिनी के तट पर ऊष्मा से लोगों को आराम देती हैं और स्वास्थ्यवर्धक हो जाती हैं , जिसके कारण इसे डॉक्टर विंड की संज्ञा दी जाती है। इस तरह की उष्ण एवं शुष्क हवा ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में विक्र फील्डर कही जाती है । जिसका तापमान 38 डिग्री सेंटीग्रेड के आस-पास रहता है ।
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