पृथ्वी की विभिन्न परतें तथा पृथ्वी की आंतरिक संरचना का विवरण । भाग 1

1. रासायनिक संगठन


पृथ्वी की संरचना का रासायनिक संगठन के आधार पर एडवर्ल्ड स्वेस ने तीन भागों में विभक्त किया । जैसे-
a.सियाल:-(SIAL)
‎परतदार शैलों के नीचे सियाल की एक परत पाई जाती है, जिसकी रचना ग्रेनाइट चट्टान से हुई है। इस परत की रचना सिलका तथा एलमुनियम से हुई है। इसी कारण इस परत को सियाल कहा जाता है।

bसीमा (SIMA):-
सियाल के नीचे दूसरी परत सीमा(SiMa) की है। रासायनिक बनावट के दृष्टिकोण से इनमें सिलका तथा मैग्नीशियम की प्रधानता होती है। इसी कारण इस पर्व को सीमा कहते हैं।

c. निफे (Nife)

सीमा की परत के नीचे पृथ्वी की तीसरी तथा अंतिम परत पाई जाती है। इसे निफे कहते हैं, क्योंकि इसकी रचना निकेल तथा फेरियम से मिलकर बनी हुई है। इस प्रकार यह पर कठोर धातु की बनी है, जिस कारण इसका घनत्व अधिक है।

 भूकंप के आधार:-

१. स्थलमंडल (लिथोस्फीयर):-

इसकी गहराई 10 - 200 किलोमीटर मानी गई है। इसमें ग्रेनाइट चट्टान की बहुलता है तथा सिलिका का एवं aluminium  मुख्य रूप से पाए जाते हैं इसका घनत्व 3.5 है। यह भूपर्पटी एवं मेंटल के ऊपरी भाग से मिलकर बना होता है।

२. पाइरोस्फीयर:-

इसे मिश्रित मंडल भी कहते हैं इसकी गहराई 100 से 2880 किलोमीटर तक है इसका निर्माण बेसाल्ट से हुआ है, जिसका घनत्व 5.6 है।

३. बैरीस्फेयर:-

इसकी गहराई 2880 किलोमीटर से नीचे केंद्र तक है। इस पर उसका घनत्व 8 से 11 है, तथा इसकी रचना लौह तथा निकिल से हुई है।

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