अलाउदीन खिलजी वंश का दूसरा शासक था।
अलाउद्दीन खिलजी एक कट्टर मुस्लमान शासक था ।
अलाउदीन खिलजी वंश का दूसरा शासक था।
अलाउद्दीन खिलजी एक कट्टर मुस्लमान शासक था ।
जिसका शासन 1296 ई: से 1316 ई: तक पूरे उतरी भारत में था।
अलाउदीन खिलजी एक ताकतवर और बुद्धिमान शासक था। वह ख़ुद को दूसरा एलेगजेंडर मानता था।
अलाउदीन खिलजी के बचपन का नाम गुरशस्प था।
अलाउदीन खिलजी के पिता का नाम शिहाबुद्दीन खिलजी था वह बलवन सेना में एक सेनिक था ।
खिलजी ने तकरीवन 20 वर्षों तक शासन किया था ।
बचपन में ही आपके पिता का देहांत हो गया और आपका पालन –पोषण आपके चाचा जलालुद्दीन खिलजी के द्वारा किया गया ।
अलाउदीन खिलजी सन 1296 में सुल्तान बना था ।
अलाउदीन खिलजी ने अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी की हत्या कर दिल्ली का सुलतान बना था ।
अलाउदीन खिलजी (Alauddin Khilji) वंश का एक ताकतवर शासक था इसीलिए उसे सिकंदर ऐ-शाही की उपाधि से सम्मानित किया गया ।
अलाउदीन ने अपना पहला आक्रमण 1298 ई: में किया था जो के गुजरात राज्य पर किया गया था यह हमला नुसरत खां की अगवाई में किया गया था ।
गुजरात पर आक्रमण समय नुसरत खां ने भारी कत्लेयाम किया था उसने कई बड़े मन्दिरों को तहस –नहस कर दिया था इस में उसने सोमनाथ मंदिर पर भी आक्रमण किया था ।
सन 1300 ई: में अलाउदीन ने मेवाड़ पर आक्रमण कर दिया था मेवाड़ के राजा राणा रत्न सिंह और अलाउदीन के बीच भयानक युद्ध हुआ इस युद्ध में मेवाड़ के राजा की मौत हो गयी सन 1303 में इस किले पर मेवाड़ पर अलाउदीन खिलजी का कब्जा हो गया ।
रानी पद्मिनी बाई जो के बहुत ही सुंदर रानी थी जिसका विवाह मेवाड़ के राजा रत्न सिंह के साथ हुआ था और जब रानी की सुन्दरता की बात खिलजी को मालूम हुई तो उसने पद्मिनी को पाने के लिए चितौड़ पर हमला किया था ।