स्थानीय पवने (भाग-३)-

मिस्टृल-
फ्रांस के मध्य मैसिफ के ठंडे उच्च पठार से भूमध्य सागर की अोर तीव्र गति से चलने वाली ठंडी शुष्क उत्तर - पश्चिम अथवा उत्तरी हवाएं जो मुख्यत: रोन डेल्टा तथा लायंस की खाड़ी में चलती हैं , मिस्ट्रल हवाएं कहलाती हैं । यह ठंडी हवाएं मध्यवर्ती यूरोप में उपस्थित शीतकालीन प्रति चक्रवात से भी पश्चिमी भूमध्य सागरीय बेसिन पर उत्पन्न उच्च निम्न दाब क्षेत्र की ओर निचले रोन घाटी से होकर बहती हैं । इन हवाओं की औसत गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, परंतु कभी-कभी यह 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी चलती है। जिस वायुयान के चलने में अधिक कठिनाई होती है ।
बोरा-
मध्य यूरोप में उत्तर- पूर्वी पर्वतों से उत्तरी एशियाट्रिक सागर की और प्रचंड रूप से प्रवाहित होने वाली शीतकालीन शुष्क पवन को बोरा कहते हैं । यह पवन मध्य यूरोप के उच्च दाब क्षेत्र से भूमध्य सागर में    मौजूद निम्न दाब के क्षेत्र में प्राय: शीतकाल में चलती हैं। 
विलि-विलि-
ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी -पश्चिमी तट के समीप उत्पन्न होने वाले उष्णकटिबंधीय तीव्र तूफान को विली - विली कहा जाता है ।

लू- ग्रीष्म ऋतु में , उष्ण प्रदेश में बहने वाली शुष्क हवाओं को लू कहते हैं । भारत में लू उन गर्म हवाओं को कहते हैं , जिनका तापमान 38 डिग्री सेंटीग्रेड से 49 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच होता है । इस प्रकार की हवाएं उत्तरी भारत में मई के अंतिम सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह तक बहती हैं । 

पोनन्नत-
भूमध्य सागरी क्षेत्र में( विशेषकर कोर्सिका तट पर तथा भूमध्यसागरीय फ्रांस में ) प्रवाहित होने वाली पश्चिमी पवने जो सामान्यतः ठंडी होती हैं और जिसमें मौसम शुष्क हो जाता है ।

Posted on by