अंतः स्रावी ग्रंथियों में मध्य पाली से निकलने वाले हार्मोन

Melanocytes Harmon's - या हार्मोन त्वचा के अंदर मिलैनिन नामक हार्मोन पाया जाता है। इन पदार्थों से वितरित में सहायता करते हैं इस मेलैनिन के कारण ही त्वचा का रंग सावला होता है इस हारमोंस की अनियमितता के से त्वचा की एक निश्चित बिंदु पर विसरित के इकट्ठा होने पर त्वचा में काले तिल व धब्बे बन जाते हैं।

पश्च पाली से निकलने वाले हार्मोन  - यह हारमोंस किडनी के अंदर जल का नियंत्रण करती है इसी कमी से नियंत्रण हटाने पर एक दिन में 14 लीटर का मूत्र निकलने लगता है। जिसे  मूत्र का स्वाद रहित रोग भी कहा जाता है। इस हार्मोन की अधिकता से मूत्र गाढ़ा होने लगता है।और रक्त पतला होने लगता है जिससे बीपी बढ़ जाती है।

Oxgtocin hormones - इसका संबंध स्त्री शरीर से होता है या बच्चे के जन्म के समय गर्भाशय की पेशियों को सिकोड कर गर्व से बाहर निकलता है। बच्चा पैदा होने के साथ स्तन ग्रंथियों को शिकोड़ कर  दूध को बाहर निकालने में मदद करता है। गाय भैंस के दूध निकालने के लिए इसी हार्मोन का इंजेक्शन लगाया जाता है

अग्न्याशय ग्रंथि  - यह ग्रंथी आत dewterium  भाग से लगी रहती है यह यकृत के बाद शरीर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि कहलाती है इस ग्रंथ में इंसुलिन नामक हार्मोन निकलता है जो रक्त के सरकार का नियंत्रण करता है इसलिए कमी से रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण मधुमेह शुगर की बीमारी हो जाती है।  

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