अंतः स्रावी ग्रंथियों में अधिवृक्र ग्रंथ

यह ग्रंथ किडनी के ऊपर साइड पर पाई जाति है मानव किडनी की वजन 140 से 150 ग्राम तक होता है किडनी के अंदर 1000000 की संख्या में नुकसान होते हैं जो रक्त को फिल्टर कर शुद्ध करते रहते हैं इसी ग्रंथि को निम्न हार्मोन से निकलते हैं।

Mirullocorticoid - या हार्मोन शरीर में सोडियम क्लोराइड व जल का नियंत्रण करती है। इसी कमी से निर्जलीकरण हो जाता है इस रोग को एडिशन  रोग कहते हैं।

Geucocorlicoid - यह हार्मोन शरीर में जरूरतमंद स्थानों पर एंटीबॉडी बनाने से रोकता है । कभी-कभी इसके रुकावट से शरीर के जोड़ों में कोलिजन तंतुओं के फीवर बन जाते हैं जिसे गठिया रोग कहा जाता है।

sex hormones - यह लड़का और लड़की दोनों में एक निश्चित अनुपात में पुरुष व स्त्री हार्मोन का श्रावण करती हैं इसका अनुपात बिगड़ने पर लड़कों में लड़की और लड़की में लड़की जैसे लक्षण पाए जाते हैं जिससे उभयलिंगी ब्यक्ति कहते हैं।

Adrenaline Harmons - यह हार्मोन से इमरजेंसी अवस्था में जैसे क्रोध डर अत्यधिक चोट लगना इतिहास क्रियाओं से शारीर को बचाता है इसके बचाने से यदि शरीर क्रिया नियंत्रित नहीं हो पाती है तो एकाएक इसका प्रभाव समाप्त हो जाता है और शरीर को भारी क्षति हो जाती है इसलिए हर मोड़ को लड़ो या ऊर्जा और हार्मोन कहा जाता है।

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