शरीर में तेज गति से चलने वाली क्रियाओं को नियंत्रण व निगमन का कार्य जिस सिस्टम के माध्यम से किया जाता है या संपन्न होता है उसे ही तंत्रिका तंत्र कहते हैं इस तंत्र में शरीर के भीतर सभी अंग प्रत्यग अंगों में एक विशेष प्रकार की कोशिका का जाल फैला हुआ होता है जिसे तंत्रिका कोशिका की जाल भी कहा जाता है यह जाल मिलकर तीन प्रकार का तंत्रिका तंत्र बनाती हैं। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र -
इसके अंतर्गत ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड आता है जो शरीर में टेलीफोन के मुख्य केंद्र की भांति कार्य करता है।
ब्रेन - मानव का मस्तिष्क 8 sphenoid, हड्डियों से बना सिर के खोपड़ी के अंदर बंद होता है ब्रेन जिस खोल से बंद होता है। उसे कपाल गुहा कहा जाता है वर्तमान मैं मानव के कपाल गुहा का आयतन 1400 से 1500 cc होता है। तथा ब्रेन पर 3 झिल्ली के चढ़ी रहती है जिसे meningitis झिल्ली कहा जाता है।
जब कब से इस झिल्ली पर nisseiria बैक्टीरिया का एक्शन होता है तो झिल्ली में सूजन आ जाती है। जिसके कारण सिर में दर्द होने लगता है बुखार होने लगता है कभी-कभी चक्कर या भी हो सी भी आ जाती है जिसे meningitest का रोग कहते हैं
मानव मस्तिष्क के तीन भाग होते यह अगले भाग में डिस्कशन किया जाएगा..........