1916 ई0 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने की थी इस अधिवेशन में नरमपंथी व गरमपं मिलकर पुनः एक हो गए इसके पुनर्मिलन में बाल गंगा तिलक और एनी बेसेंट की काफी महत्वपूर्ण भूमिका रही । इस लखनऊ अधिक अधिवेशन मे कांग्रेस का मुस्लिम लिंग के साथ भी समझौता हुआ l लीग और कांग्रेस में यद्मपि शुरू से ही मतभेद थे । परंतु इस समय कुछ ऐसी परिस्थितियांं बनी, जिससे कांग्रेस और लिंग एक-दूसरे के करीब आये । इसमें तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही । लखनऊ अधिवेशन में लिए गए निर्णय के अनुसार, कांग्रेस नेे मुसलमानों के लिए 1909 ई0 के मार्लो मिंटो सुधार अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorate Zone) के अधिनियम को अपनी भी स्वीकृत प्रदान कर दी ll