6 सितंबर, 2018 को भारत एवं अमेरिका के मध्य आयोजित 2 + 2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कॉमकासा समझौते पर हस्ताक्षर किए । वास्तव में कॉमकासा, उन चार बुनियादी समझौतों में से एक है , जिन पर अमेरिका अपने साझेदारों एवं निकट सहयोगियों के साथ सशस्त्र सेनाओं के मध्य अंतर - संक्रियता और उच्च गुुुुणवत्ता की तकनीक की बिक्री को सुुुुगम बनाने के लिए हस्ताक्षर करता है । इन चार समझौतो में से पहला GSOMIA ( General Security of Military Information Agreement ) है, जिस पर भारत नेे वर्ष 2002 में हस्ताक्षर किए थे । ऐसा दूसरा समझौता लेेमोओ (LEMOA- LogisticsExchange Memorandum of Agreement ) है, जिस पर भारत ने वर्ष 2016 मेेें हस्ताक्षर किए थे, जबकि तीसरे समझौते ' बेका ' ( BECA : Basic Exchange & Cooperation Agreement for Geo - Spatial Cooperation ) पर हस्ताक्षर किया जाना शेष है ।
स्मरणीय तथ्य -----
● 6 सितंबर, 2018 को भारत और अमेरिका के मध्य नई दिल्ली में प्रथम ' 2 + 2 वार्ता ' का आयोजन हुआ ।
● ' 2 + 2 वार्ता ' की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि कॉमकासा ( COMCASA) समझौता है ।
● इस समझौते के माध्यम से भारत की पहुँच अमेरिका की अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों और तकनीकों तक सुनिश्चित हो सकेगी ।
● ज्ञातव्य है कि कॉमकासा समझौता कम्युनिकेशंस, कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट का संक्षिप्त रूप है ।
● वर्ष 2019 में भारत और अमेरिका की थल, जल एवं वायु सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास हिंद महासागर में आयोजित करने पर सहमति भी वार्ता के दौरान बनी ।
● गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के मध्य होने वाली ' 2 + 2 वार्ता ' का भारत में यह पहला आयोजन था ।
● वर्ष 2019 में अगली ' 2 + 2 वार्ता 'अमेरिका में आयोजित की जाएगी ।
● ध्यातव्य है कि ' 2 + 2 वार्ता ' में भारत के विदेश मंत्री एवं रक्षा मंत्री तथा अमेरिका के राज्य सचिव एवं रक्षा सचिव भाग लेते हैं ।
● ' 2 + 2 वार्ता ' की रुपरेखा वर्ष 2017 में वाशिंगटन डी. सी. में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य हुई शिखर बैठक के दौरान बनी थी ।
● नई दिल्ली में सम्पन्न हुई ' 2 + 2 वार्ता ' में भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एवं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, जबकि अमेरिका की तरफ से राज्य सचिव माइकल पोंपियो और रक्षा सचिव जेम्स मैटिस शामिल हुए ।