कलकता अधिवेशन 1928 ई०

1928 ई०  में पंडित मोतीलाल नेहरू को कोलकाता काग्रेस अधिवेशन का अध्यक्ष चुना गया । इस कांग्रेसी अधिनियम का मुख्य मुद्दा था। नेहरू रिपोर्ट को स्वीकार करने के साथ ही मद्रास में पारित "स्वराज" का प्रस्ताव स्वीकार करना । प्रस्ताव महात्मा गांधी ने प्रस्तुत किया था । प्रस्ताव में कहा गया था कि दो वर्ष के लिए "डोमीनियन स्टेट्स" की सिफारिश स्वीकार कर ली जाए । जवाहर लाल नेहरू ने संशोधन पेश किया, जिसमें "पूर्ण स्वराज"  कि मांग पर जोर दिया गया । अंततः एक समझौता का फार्मूला ढूंढा , गया जिससे ब्रिटिश सरकार को अल्टीमेटम दिया गया कि वह एक साल के अंदर-अंदर "नेहरू रिपोर्ट" को स्वीकार कर ले वरना कांग्रेसी सत्याग्रह आंदोलन छोड़ देगी ।

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