पृथ्वी तल पर आगनेय व रूपांतरित चट्टानों के अपरदन और निक्षेपण के फलस्वरूप निर्मित चट्टानों को अवसादी चट्टान कहते हैं।
इन पुनर निर्मित चट्टानों में परतों का विकास होने के कारण इन्हें प्रस्तरित या परत दार चट्टान भी कहा जाता है। इनके निर्माण में जैविक अवशेषों का भी योगदान ताा होता है।
संपूर्ण क्रष्ट के लगभग 75% भाग पर अवसादी चट्टान विस्तृत है। पर कृष्ट के निर्माण में इसका योगदान मात्र 5% है।
यांत्रिक क्रियाओं द्वारा निर्मित अवसादी चट्टान जैसे- बालू का पत्थर, कालो मेरेट या गोलाशम, चीका मिट्टी, सेल तथा लोएस आदि।
जैविक तत्वों से निर्मित अवसादी चट्टान जैसे- चूना पत्थर कोयला तथा पीट।
रासायनिक तत्वों से निर्मित अवसादी चट्टान जैसे- खड़िया मिट्टी सेलखड़ी तथा नमक की चट्टान।