सर्वोच्च न्यायालय न हाल ही में 1 अप्रैल 2020 के बाद देश में बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके बाद देश में केवल बीएस-6 वाहनोंं की बिक्री होगी। बीएस-6 वाहन पर्यावरण के लिए कम नुकसानदेह होते है इसके लिए पूरे देश में बीएस-6 ईधन भी उपलब्ध करवाया जायेगा।
मुख्य बिन्दु :
1- बीएस-6 ईंधन की अापूर्ति के लिए सरकारी कंपनियांं तेल शोधन कारखानों में 28000 करोड़ रूपये का निवेश करेंगी। इस निवेश का उपयोग तेल शोधन कारखानों को अपग्रेड करने के लिए किया जिससे कि पर्यावरण के लिए कम नुुकसानदेह बीएस-6 ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
2- बीएस-6 वाहन और ईंधन के आगमन ने वाहनों से उत्सर्जित होने वाले नुकसानदेह गैसों में कमी आएगीं और इससे प्रदूषण कम होगा।
भारत स्टेज उत्सर्जक मानक :-
यह भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया उत्सर्जक मानक है यह यूरोपियन रेगूलेशन पर आधारित हैै। इसका उद्देश्य वाहनों द्वारा उत्सर्जित किये जाने वाले प्रदूषण को नियन्त्रित करना है। भारत स्टेज के मानक व समय सीमा केन्द्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है यह मानक देश में पहली बार 2000 में शुरू किये गये थे। देश में नए वाहनों का निर्माण इन मानकों के आधार पर ही किया जाता है। अक्टूबर 2010 में भारत स्टेज 3 मानक पूरे देश में लागूू किये गये थे अप्रै्ल 2017 से पूरे देश में बीएस-4 लागू किया गया। 2016 में सरकार ने घोषण्ाा की थी कि देश में बीएस-5 नहीं लागू होगा। इसके स्थान पर बीएस-6 ही लागू किया जायेगा। भारत सरकार की योजना 2020 से बीएस-6 मानक लागूू करने की है।