आगे से जारी....
B. कोशिका-द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) -
केन्द्रक विभाजन के बाद कोशिका-द्रव्य का विभाजन होता है यह दो प्रकार से होता है :
(a). कोशिका खांच (Cell furrow) द्वारा -
जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती। इसीलिए केवल कोशिका कला की बनी बाहरी पर्त काफी लचीली होती है। कोशिका के मध्य भाग पर एक कोशिका कला चारों ओर से धंसना शुरू होती है। फलस्वरूप, दोनों कोशिकाएं अलग अलग हो जाती हैं व संतति कोशिकाएं (Daughter cells) बन जाती हैं।
(b). कोशिका प्लेट (Cell plate) द्वारा -
पौधों की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होने के कारण बाहरी पर्त (कोशिका कला + कोशिका भित्ति) काफी दृढ़ होती है और जंतु कोशिका की तरह धंस नहीं सकती। ऐसी स्थिति में कोशिका-द्रव्य को विभाजित करने के लिए कोशिका के बीचोंबीच एक नई कोशिका भित्ति बनती है जो कि दोनों कोशिकाओं को अलग अलग कर देती है। इसके लिए कोशिका के केंद्र से एक कोशिका प्लेट बननी शुरू होती है और परिधि की ओर बढ़ती जाती है।