परिसीमन आयोग

संविधान में परिसीमन आयोग के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया । अनुच्छेद-82 में प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर लोकसभा एवं राज्य के निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन एवं पुनः समायोजन का कार्य संसद द्वारा विहित अधिकारी द्वारा किए जाने का प्रावधान है ।

42 वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान के अनुच्छेद 82 में संशोधन का परिसीमन पर वर्ष 2000 ई० तक के लिए रोक लगा दी गई  थी ।

84 वें संविधान संशोधन अधिनियम 2001 ई० के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 82 और 170 (3) की शर्तों में संशोधन किया गया है,जिसके अनुसार देश में लोकसभा विधानसभा की सीटों की संख्या 2026 ई० तक कोई वृद्धि अथवा कमी नहीं की जाएगी।

परिसिमन आयोग 2002 का गठन 12 जुलाई 2002 कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में किया गया तथा आयोग की सिफारिश को केंद्र में 10 जनवरी 2008 को मंजूरी प्रदान की । नये परिसीमन से लोकसभा आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ जाएगी । नया परसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया है

परिसिमन आयोग में देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सहित सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश के निर्वाचन आयुक्त इस आयोग के सदस्य हैं ।

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