अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति किसी राज्य में यह समाधान हो जाने पर किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है अथवा राज्य संघ की कार्यपालिका के किन्ही निर्देशों का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है ,तो आपात स्थिति की घोषणा कर सकता है
राज्य में आपात की घोषणा के बाद संघ न्यायिक कार्य छोड़कर राज्य प्रशासन के कार्य अपने हाथ में ले लेता है ।
राज्य में आपात उद्घोषणा की अवधि 2 मास होती है ।इससे अधिक के लिए संसद से अनुमति लेनी होती है तब यह छह मास की होती है। अधिकतम 3 वर्ष तक यह एक राज्य के प्रवर्तन में रह सकती है इससे अधिक के लिए संविधान में संशोधन करना पड़ता है
सर्वप्रथम 20 जुलाई 1951 में पंजाब राज्य में अनुच्छेद 356 का प्रयोग किया गया ।
सर्वाधिक समय तक अनुच्छेद 356 का प्रयोग जम्मू कश्मीर राज्य में रहा (19-07-1990 ई० से 09-10-1996) तक ।