ट्राइडेंट जन्‍क्‍चर 2018 : नाटो से शुरू किया शांंतिकाल में सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास

नाटो ने शीतकाल के बाद के सबसे बड़े सैन्‍य युद्धाभ्‍यास ''ट्राइडेंट जन्‍क्‍चर 2018'' को शुरू किया । इस सैैन्‍य अभ्‍यास का आयोजन नॉर्वे में किया जा रहा है। 

 1- इस युद्धाभ्‍यास में नाटो के सदस्‍य देशों से लगभग 50000 सैनिक हिस्‍सा लेंगेे इसके अतिरिक्‍त इस युद्धाभ्‍यास में 65 पोत 150 एयरक्राफ्ट तथा 10000 वाहनोंं का उपयोग किया जायेगा।

 2- इस अभ्‍यास का समापन 7 नवम्‍बर 2018 को होगा।

 3- इस युद्धाभ्‍यास का उद्देश्‍य नाटों के सदस्‍य देशों की सेेनाओं को किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रखना है।

 4- इससे सदस्‍य देशों के सेनाओ के बीच समन्‍वय में भी वृद्धि होगी। इस अभयास में नाटों के साझेेदार देश स्‍वीडन और फिनलैंड भी हिस्‍सा ले रहे है 

        नाटो ( North Atlantic Treaty Organization)

  1- इसकी स्‍थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई थी। इसका मुख्‍यालय ब्रुसेेल्‍स (बेल्जियम)  में है। आरम्‍भ में नाटो के सदस्‍यों की संख्‍या 12 थी अब यह सदस्‍य संख्‍या बढ़़कर 29 हो गयी है।

  2- नाटो का सबसे नया सदस्‍य मांटेनीग्रों है यह 5 जून 2017 को नाटो का सदस्‍य बना। 

  3- नाटो के सभी सदस्‍यों का संयुक्‍त सैन्‍य खर्च दुनिया के रक्षा व्‍यय का 70 प्रतिशत से अधिक है। जिसका यु.एस;ए. अकेले दुनिया का कुल खर्च का आधा हिस्‍सा खर्च करता है। और ब्रिटेन फ्रांस व इटली और जर्मनी 15 प्रतिशत खर्च करते है। 

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