संस्थापक --- के . श्रीधरालू नायडू, स्थापना -- 1864 ई. ( मद्रास )
केशव चन्द्र सेन की चेन्नई यात्रा के समय उनसे प्रभावित होकर के . श्रीधरालू नायडू ने चेन्नई में वेद समाज की स्थापना की ।
वी. राजगोपाल चारलू पी. सुब्रयल चेट्टी तथा विश्वनाथ मुदालियार इसके प्रमुख नेता थे । वेद समाज को दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज कहा जाता है ।
के . श्रीधरलू ने ब्रह्म समाज की पुस्तकों का तमिल तथा तेलुगू भाषा में अनुवाद किया । आर्य समाज और स्वामी दयानंद सरस्वती ।
आर्य समाज के संस्थापक -- स्वामी दयानंद सरस्वती
स्थापना -- 1875 ई. ( मुम्बई )
स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 ई. में गुजरात के मौरवी नामक स्थान पर हुआ था, इनके बचपन का नाम मूलशंकर था ।16 वर्ष की आयु में इन्होंने वैराग्य ग्रहण कर लिया ।
मूलशंकर ने ' स्वामी पूर्णानंद ' से सन्यास की दीक्षा ली ।स्वामी पूर्णानंद ने ही स्वामी दयानंद सरस्वती नाम दिया ।
1861 ई. में स्वामी दयानंद सरस्वती मथुरा में स्वामी विरजानंद से मिले तथा इनकी शिष्यता ग्रहण कर ली ।स्वामी विरजानंद ने इन्हें वेदो का दार्शनिक ज्ञान दिया ।
स्वामी दयानंद ने वेदों की ओर लौटो का नारा दिया तथा वेद को भारत का आधार स्तम्भ बताया ।
1863 ई. में इन्होंने धर्म प्रचार के लिए आगरा में पाखण्ड - खण्डिनी पताका लहराई ।