भारतीय रेलवे ने हाल ही में नई दिल्ली को लद्दाख से रेलवे लाइन के द्वारा जोड़ने की योजना की घोषणा की। यह रेल लाइन भारत-चीन सीमा के साथ-साथ बनाई जायेगी। यह बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन विश्व की सबसे ऊँचाई पर स्थित रेल लाइन होगी।
इस रेल लाइन का उपयोग किसी भी मौसम में भारतीय सेना द्वारा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इस रेल लाइन के द्वारा लद्दाख में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के बारे में 8 प्रमुख तथ्य:-
1- इस 465 किलाेमीटर लम्बी रेललाइन का निर्माण 83360 करोड़ रूपये की लागत से किया जायेगा।
2- यह विश्व की सबसे ऊँची रेललाइन होगी जिसकी ऊँचाई समुद्र तल से 5360 मीटर होगी। चीन की किंघाई-तिब्बत रेलवे लाइन की ऊँचाई 2000मीटर है।
3- केलोंग (हिमाचल प्रदेश) स्टेशन का निर्माण सुरंग के अन्दर 3000 मी. पर किया जायेगा यह भारत में इस प्रकार का पहला स्टेशन होगा।
4- इस परियोजना का लगभग आधा मार्ग सुरंगों में ही होगा। इस परियोजना की सबसे लम्बी सुरंग 27 किलोमीटर की होगी। इन सभी सुरंगों की लम्बाई लगभग 244 किलोमीटर होगी।
5- इस रूट के द्वारा बिलासपुर और लेह के बीच कुछ महत्वपूर्ण स्थानों जैसे- सुंदरनगर; मंडी; मनाली; केलोंग; कोकसर; दारच; उपशी तथा करू इत्यादि को जोड़ा जायेगा।
6- इस रूट पर इस परियोजना में 74 सुरंंगे; 124 बड़े पुल; 396 छोटे पुल तथा 30 स्टेशन निर्मित किये जायेंगे।
7- इस रेल लाइन के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली और लेह के बीच की दूरी 40 घंटे से कम होकर 20 घंंटे ही रह जाएगी।
8- इस रेल लाइन का उपयोग किसी भी मौसम में भारतीय सेना द्वारा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इस रेल लाइन के द्वारा लद्दाख में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।