बैरम खान --- मुगल शासक अकबर का गुरू व संरक्षक, जिसने अकबर को दिल्ली की राजगद्दी पर बैठाने में काफी मदद की । 1556 में पानीपत के दूसरे युद्ध में इसने हेमू को हराया ।
बाणभट्ट --- संस्कृत भाषा का सुप्रसिद्ध विद्वान, जो हर्षवर्द्धन के दरबार में राजकवि था । ' कादम्बरी ' व ' हर्षचरित ' उनकी प्रसिद्ध रचनाएं हैं ।
भास्कराचार्य --- 1114 ई. में जन्मे महान गणितज्ञ व खगोलशास्त्री, जिन्होंने 1150 ई. में ' सिद्धांत शिरोमणि ' की रचना की । उनकी अन्य रचना ' लीलावती 'है ।
भास --- संस्कृत के महान विद्वान, जिन्होंने महान संस्कृत नाटकों की रचना की ।उनके तीन नाटकों में ' चारूदत्त ' व ' मृच्छकटिकम ' उल्लेखनीय है ।
भवभूति --- 8 वीं शताब्दी में जन्मे संस्कृत के महान नाटककार, जिनकी प्रसिद्ध रचनाऐ हैं -- ' महावीर चरित ' , ' उत्तर रामचरितम्' व ' मालतीमाधव ' ।
बिल्हण --- 11 वीं से 12 वीं शताब्दी के बीच जन्मे कश्मीर के प्रसिद्ध कवि और इतिहासकार, जिन्होंने 1065 ई. में चालुक्य शासक विक्रमादित्य चतुर्थ के शासनकाल में ' विक्रमांक देवचरित ' नामक ग्रन्थ की रचना की ।
चरक --- ईसा की प्रथम शताब्दी में कनिष्क के शासनकाल में जन्मे भारतीय चिकित्सक, जो ' आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के पितामह ' कहे जाते हैं ।चरक ने 600 से अधिक विरंजको की चर्चा की है ।चिकित्साशास्त्र पर आधारित इनकी प्रसिद्ध कृति ' चरक संहिता ' है ।
चार्वाक --- तीसरी व चौथी शताब्दी के प्रसिद्ध दार्शनिक, जिन्होंने ' लोकायत सिद्धांत ' व भौतिकवाद का प्रतिपादन किया ।ईश्वर पुनर्जन्म व आत्मा में इनका विश्वास नहीं था ।
धन्वंतरि --- चौथी शताब्दी में चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के शासन काल ( 375 -413 ई. ) के प्रसिद्ध वैद्य ( चिकित्सक )।
फाह्यान --- एक चीनी यात्री, जो चन्द्रगुप्त ' विक्रमादित्य ' के राज्यकाल में भारत यात्रा पर आया और 401 ई. से 410 ई. तक भारत में रहा ।