हिन्द महासागर की कुल तटरेखा का 12.5% भारतीय तटरेखा है। इसके तट पर 46 देश की स्थिति है, लेकिन आकृति के दृष्टिकोण से आस्ट्रेलिया के बाद एवं जनसंख्या की दृष्टि से प्रथम स्थान आता है । इस महासागर के तटीय देशो की कुल जनसंख्या का 50% से भी अधिक भाग यहाँ पर पाया जाता है। अन्य कई कारणों से हिन्द महासागर की भू राजनीति भारत के साथ जुड़ी है, जैसे :-
- ऐतिहासिक तौर पर हिन्द महासागर का उत्तरी भाग को , जिसमे भारत अवस्थित है, बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है । क्योंकि यहां पूर्व तथा पश्चिम दोनों तरफ से संकीर्ण जलडमरूमध्य द्वारा पहुंचा जा सकता है। हिन्द महासागर स्वयं पूर्व पश्चिम के देशों के लिए एक माध्य का काम करता है।
- हिन्द महासागर में भारत के करीब 1100 द्वीप हैं, इनके सुरक्षा एवं विकास का सम्बंध हिन्द महासागर से है।
- भारत का 98% व्यापार हिन्द महासागर से गुजरते हुए होता है। वर्तमान में पूर्व तथा पश्चिम को जोड़ने वाले अधिकतर व्यापारिक मार्ग हिन्द महासागर से गुजरते हैं। स्वेज नहर के खुलने के बाद यह महत्व और अधिक बढ़ गया है।
- भारत का 65% पेट्रोलियम एवं खनिज तेल हिन्द महासागर के समुद्री क्षेत्र से प्राप्त होता है।
- भारत का EEZ- विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र 24 लाख वर्ग किमी है। इनका आर्थिक दोहन हिन्द महासागर की शांति पर निर्भर करता है।
- सार्क देशों की सुरक्षा की दृष्टि से भी भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। हिन्द महासागर में अनेक छोटे देश हैं, जिनकी सुरक्षा में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भारत अपना योगदान देता है।