भारतीय कंपनी अधिनियम 1974 की धारा 2 (45) के अनुसार "सचिव का आशय किसी ऐसे व्यक्ति से है जो निर्धारित योग्यता रखता हो, जिसकी नियुक्ति कंपनी अधिनियम के अधीन हो सचिव की नियुक्ति निर्धारित कार्यों एवं अन्य कार्यालय या प्रशासन संबंधी कार्यों का करने के लिए की जाती है। " अतः-
- केवल एक व्यक्ति ही कंपनी का सचिव हो सकता है। 1974 के संशोधन के पूर्व कोई फर्म या निगमित विकास (Corporate Body) भी कंपनी सचिव के पद को धारण कर कर सकता था।
- कंपनी सचिव में निर्धारित योग्यताएं होनी चाहिए।
- कंपनी सचिव के कर्तव्य कार्यालय तथा प्रशासन संबंधी होते हैं उसके कार्य प्रबंधकीए नहीं होते हैं।
- प्रत्येक ऐसी कंपनी को जिसकी प्रदत अंश पूंजी (Paid up Capital ) दो करोड़ या इससे अधिक है एक पूर्णकालिक सचिव की नियुक्ति करनी होगी.।
- ऐसा पूर्णकालिक सचिव किसी अन्य कंपनी में सचिव के पद को धारण नहीं कर सकता है।
- ऐसी कंपनी की दशा में जिसकी प्रदत्त पूंजी 2 करोड़ या इससे अधिक है सचिव भारतीय कंपनी सचिवीय संस्थान(Institute of Company Secretaries of India) का सदस्य होना चाहिए परंतु अधिनियम 1974 के लागू हो जाने के बाद प्रथम 5 वर्ष तक ऐसा व्यक्ति भी उपरोक्त कंपनी का सचिव नियुक्त होने के लिए योग्य होगा जो कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड सेक्रेट्रीज एंड एडमिनिस्ट्रेटर्स लंदन का सदस्य हो।