जवाहरलाल नेहरु राष्ट्रीय सोलर मिशन केन्द्र एवं राज्यो की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों को दूर करते हुए पर्यावरणीय रूप में सतत विकास को बढ़ावा दिया जाना है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश मे सिलिकॉन वैलियो की तर्ज़ पर अनेक सोलर वैलियो का निर्माण किया जाएगा। चीन, जर्मनी और यूनान में इस फार्मूले के आधार पर कई औद्योगिक क्षेत्र होंगे जहां विद्युत के बजाए सौर ऊर्जा को इस्तेमाल किया जाएगा । चीन , जर्मनी और यूनान में इस फार्मूले के आधार पर कई औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये गए हैं। इस मिशन से देश न केवल सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी हो जाएगा बल्कि इसके उत्पादन के उपकरणों और पुर्जो के निर्माण में भी तेजी आएगी।
जलवायु परिवर्तन पर आठ राष्ट्रीय कार्य योजनाओ की घोषणा की गई थी। इन्ही में से एक राष्ट्रीय सोलर मिशन भी था जिसे वर्ष 2010 में जवाहरलाल नेहरु राष्ट्रीय सोलर मिशन के रूप में शुरू किया गया। देश के आर्थिक विकास को ऊर्जा सक्षम बनाने की आवश्यकता है और आने वाले समय मे हमे जीवाश्म ऊर्जा पर निर्भरता से नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता की ओर कदम बढ़ाना होगा । भारत उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण अधिक समय तक सूर्य की तीव्र रोशनी प्राप्त करता है। अतः भारत मे सौर ऊर्जा का भविष्य काफी उज्ज्वल है। वैज्ञानिक तकनीकी एवं प्रबन्धकीय कुशलता के साथ उपलब्ध आर्थिक स्रोतों का बेहतर उपयोग किया जाए तो देश के आर्थिक विकास एवं ऊर्जा उपलब्धता को एक नई दिशा दी जा सकती है।