इस अधिनियम की मुख्य विशेषताएं हैं -1. केंद्र में दूसरा द्विसदनात्मक विधायिका की स्थापना की गयी - प्रथम राज्य परिषद तथा दूसरी केंद्र विधानसभा । राज्य परिषद के सदस्यों की संख्या 60 थी ; जिसमे 34 निर्वाचित होते थे । और उनका कार्यकाल 5 वर्षों का होता था । केंद्रीय विधान सभा के सदस्यों की संख्याया 144 थी । जिसमे 104 निर्वाचित तथा 40 मनोनीत होते थे इनका कार्यकाल 3 वर्षोंं का था दोनोंं सदनों अधिकार समान थे । इनमें सिर्फ एक अंतर था की बजट पर स्वीकृति प्रदान करनेे का अधिकार निचले सदन को था । 2 प्रांतों मेंंंं द्वैध शासन प्रणाली का प्रवर्तन किया गया।