गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स चेन्नई (1850 ई0),गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स कोलकाता (1854 ई0)

             गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आटर््स एण्ड क्राफ्ट्स चेन्नई (1850 ई0)
    इस कला महाविद्यालय की स्थापना 1850 ई0 में मद्रास रेजीडेन्ट के शल्य चिकित्सक डाॅ0 एलेक्जेण्डर हण्टर द्वारा मद्रास स्कूल आॅफ आर्ट नाम से की।
    1852 ई0 में स्ािानीय यूरोपीय शासन ने इसका संचालन अपने हाथ में ले लिए एंव नवीन संबोधन गवर्नमेण्ट स्कूल आॅफ इण्डस्ट्रीयल आर्ट कर दिया।
    1884 ई0 में ई0 वी0 हैवेल ने प्राचार्य पद ग्रहण कर भारतीय कला परिदृश्य को बहुत प्रभावित किया।
    1929 ई0 में प्रसिद्ध मूर्तिकार देवी प्रसाद राय चैधरी प्रथम भारतीय प्राचार्य बने।
    1957 ई0 में के0 सी0 एस0 पन्निकर के प्राचार्य बनने के साथ ही यहाँ पूर्ण रूप से मूर्तिकला के क्षेत्र में अमूर्तन की एक शैली आत्मसात की गयी।
    1961 ई0 में इसे गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आटर््स एण्ड क्राफ्ट्स नाम दिया गया।
    1997 ई0 में यहाँ म्यूजियम आॅफ कन्टेम्परेरी आर्ट की स्थापना की गयी।


              गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स कोलकाता (1854 ई0)
    इण्डस्ट्रियल आर्ट सोसायटी गरनहट् चितपुर स्थान पर 1854 ई0 में भारतीय तथा यूरोपीय सदस्यों के संयुक्त प्रयास से प्रारम्भ की गयी।
    1864 ई0 में इसे गवर्नमेण्ट कालेज आॅफ आटर््स एण्ड क्राफ्ट्स में बदल दिया गया। तथा लार्ड ब्रुक के नेतृत्व में इसका संचालन स्थानीय शासन ने ले लिया।
    लार्ड नार्थ ब्रुक ने यहाँ एक कला दीर्घा की स्थापना भी करवाई।
    प्रथम प्राचार्य एच0 एच0 लाक लंदन से आये। 1896 ई0 में ई0 वी0 हैवेल चेन्नई से प्राचार्य पद पर स्थानान्तरित होकर यहाँ आये। अवनीन्द्र नाथ टैगोर उप प्राचार्य पद पाये।
    किन्तु पर्सी ब्राउन के प्राचार्य पद ग्रहण करने के पश्चात यहाँ पुनः रायल एकेडमी आॅफ आटर््स लंदन के पाठ्यक्रम को समाविष्ट किया गया।
    1951 ई0 में यह स्कूल पूर्णतः डिग्री कालेज में परिवर्तित कर दिया गया।
 

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