दक्षिणी पश्चिमी फ्रांस के गुफा चित्र
लास्की गुफा के चित्र
लास्को की गुफा यूरोप के दक्षिणी-पश्चिमी फ्रांस में स्थित है।
दक्षिणी-पश्चिमी फ्रांस की अन्य प्रमुख गुफाओं में फान्त द गाम, ला-कम्बारेली, ले-त्राय-फेयर्स तथा दरगास की गुफाएँ आदि है।
लास्को की गुफा की खोज 1940 ई0 में अचानक हुई। कुछ बच्चे अपने कुत्तों की तलाश में जमीन के अन्दर गड़ढे में घुसकर उसे देखने का प्रयास कर रहे थे कि इसी क्रम में उन्हें यहाँ प्रागैतिहासिक चित्र दिखाई दिए।
यहाँ पर 33 गज लम्बी एंव 11 गज चैड़ी चित्र वीथिका (कलाकक्ष) प्राप्त हुई है। इस विशाल कक्ष को वृषभों वाला कक्ष कहा गया है।
लास्को गुफा का विख्यात चित्र तैरते हुए हिरणों का है।
चूना पत्थर से निर्मित लास्को की गुफा बेनेर घाटी में अवस्थित है।
लास्को गुफा के चित्र काफी सुरक्षित अवस्था में है। यहाँ से प्राप्त मध्यवर्ती कक्ष में जिसे बैलों का वृहत् कक्ष कहा गया है, में चार काले बैल कतार में चित्रित है, जिसमें सबसे बड़ा बैल 18 फीट लम्बा बनाया गया है।
इन चार वृषभों के बीच में हिरण, अश्व तथा गाय आदि का चित्रण छोटे आकार में लाल रंग से किया गया है।
लास्को गुफा में एक विशाल गाय का चित्र है, जिसमें कत्थई और भूरे रंगों का प्रयोग हुआ है।
यहाँ के चित्रों में एक सींग वाले अश्व का चित्रण विचित्र पशु के रूप में किया गया है।
यहाँ से उत्कीर्ण चित्र भी मिले है, जिनमें कुलाचे मारते हुए हिरण व तैरते हुए हिरन का चित्र महत्वपूर्ण है। इनमें से केवल हिरणों का सिर एंव गर्दन भर दिखाई देता है।
लास्कों गुफा के चित्रों में मानव आकृतियों का चित्रण भी मिलता है, लेकिन बहुत कम। पशु आकृतियों में तांत्रिक शक्तियों का आभास दिखाई देता है।
लास्को गुफा में उँगली और तूलिका द्वारा चित्रण करने के अतिरिक्त बारीक चूर्ण का भुक्का उड़ाकर गीली दीवार पर रंग लगाने की विधि भी प्राप्त होती है।