मुगल कालीन सिक्के
आना सिक्के का प्रचलन शाहजहाँ ने करवाया था।
जहाँगीर ने अपने समय में सिक्को पर अपनी आकृति बनवायी-साथ ही अपना तथा नूरजहाँ का नाम अंकित करवाया।
सबसे बड़ा सोने का सिक्का 101 तोला का शंशब होता था।
स्वर्ण का सबसे प्रचलित सिक्का इलाही था। जो 10 रूपये के बराबर था।
जलाली चैकोर चाँदी का सिक्का था।
दैनिक लेन-देन के लिये तांबे का दाम प्रयोग होता थ एक रूपये में 40 दाम होते थे।
नोट- ऊपर रेखांकित शब्द मुगल कालीन सिक्कांे के नाम है।
मुगल कालीन सेना चार विभागों में विभक्त थी।
1. पैदल सेना 2. घुड़सवार 3. तोपखाना 4. हाथी सेना।
मुगल कालीन सैन्य व्यवस्था मनसबदारी प्रथा पर आधारित थी। इसे अकबर ने प्रारम्भ किया था।
जहाँगीर के समय में सवार पद में दुअस्पा एवं सिंह अस्पा की शुरूआत हुयी।