मराठा-5

पानीपत के युद्ध में मराठा सेना का वास्तविक संचालन सदाशिव राव भाऊ के हाथ में था।

      पानीपत के युद्ध में मिली पराजय के दुख से बालाजी बाजीराव की मृत्यु हो गयी।

      1761ई0 में माधवराव पेशवा बने।

      1795 ई0 में पेशवा माधवराज नारायण ने नाना फड़नवीस के आतंक से आत्महत्या कर लिया था।

      अन्तिम पेशवा बाजीराव द्वितीय था।

      बाजीराव द्वितीय ने अंग्रेजो से 1802 ई0 में प्रसिद्ध वसीन की सन्धि की। यह सहायक सन्धि स्वीकार करने वाला पहला मराठा सरदार था। 

      अंग्रेज और मराठों के बीच महत्वपूर्ण सन्धि निम्नलिखित प्रकार से हैः-

1.    सूरत की सन्धि            1775

2.    पुरन्दर की सन्धि          1776

3.    बडगाँव की सन्धि          1779

4.    सालबाई की सन्धि         1782 (पेशवा माधव राव नारायण एवं अंग्रंेजो के बीच)

5.    वसीन की सन्धि           1802 (बाजीराव द्वितीय एवं अंग्रंेजो के बीच)

6.    देवगाँव की सन्धि          17 दिसम्बर, 1803  (भोंसले और अंग्रेजों के बीच)

7.    सुर्जी अर्जन गाँव की सन्धि        30 दिसम्बर 1803 (सिंधिया और अंग्रेजों के बीच)

8.    राजापुर घाट की सन्धि            1806 (होल्कर और अंग्रेजों के बीच)

(रेखांकित भाग परीक्षा मंे काल क्रम के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।)

9.    नागपुर की सन्धि          1816 (भोंसले और अंग्रेजों के बीच)

10.   ग्वालियर की सन्धि        1817 (दौलतराव सिंधिया और अंग्रेजो)

11.   पूना की सन्धि      1817 (बाजीराव द्वितीय और एल्फिंस्टन)

12.   मंदसौर की सन्धि-         1818 (होलकर एवं अंग्रेजो के बीच)

      इतिहासकार स्मिथ ने शिवाजी के राज्य को डाकू राज्य कहा।

      1803 में जनरल लेक ने दिल्ली पर अधिकार कर लिया।
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