प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है-
1- साहित्यिक साधन,
2- पुरातात्विक साधन, (जो देशी और विदेशी दोनों हैं।)
साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं-
धार्मिक साहित्य और लौकिक साहित्य।
धार्मिक साहित्य भी दो प्रकार के हैं-
ब्राह्मण ग्रन्थ और अब्राह्मण ग्रन्थ।
ब्राह्मण ग्रन्थ दो प्रकार के हैं-
श्रुति जिसमें वेद ब्राह्मण उपनिषद इत्यादि आते हैं और स्मृति जिसके अन्तर्गत रामायण महाभारत पुराण स्मृतियाँ आदि आती हैं।
लौकिक साहित्य केभी चार प्रकार हैं-
ऐतिहासिक साहित्य विदेशी विवरण, जीवनी और कल्पना प्रधान तथा गल्प साहित्य।
पुरातात्विक सामग्रियों को तीन भागों में बाँटा जा सकता है-
अभिलेख मुद्राएं तथा भग्नावशेष स्मारक।
निम्नलिखित तालिका इन स्रोत साधनों को अधिक स्पष्ट करती है-
1. साधन
क. साहित्यिक साधन
1. धार्मिक साहित्य
2. ब्राह्मण ग्रंथ
3. श्रुति (वेद ब्राह्मण उपनिषद् वेदांग)
4. स्मृति (रामायण महाभारत पुराण स्मृतियाँ)
5.अब्राह्मण ग्रंथ
6.लौकिक साहित्य
7.ऐतिहासिक
8.विदेशी विवरण
9. जीवनी
10.कल्पना प्रधान तथागल्प साहित्य
ख. पुरातात्विक साधन
1.अभिलेख
2.मुद्राएँ
3.भग्नावेश स्मारक