- प्रत्येक राज्य का राज्यपाल , उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा ।
- महाधिवक्ता का यह कर्तव्य होगा कि वह उस राज्य की सरकार को विधि सम्बन्धी ऐसे विषयो पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो राज्यपाल उसको समय समय पर निर्देशित कर या सौपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किये गए हो।
- महाधिवक्ता राज्य पाल के प्रसाद पर्यंत पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राज्यपाल अवधारित करे।
राज्य का महाधिवक्ता राज की विधान सभा या विधान परिषद अथवा दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग ले सकता है परंतु वह मत देने का अधिकारी नही है। साथ ही उसे राज्य में किसी भी न्यायालय में श्रोता होने का अधिकार प्राप्त होता है।