धार्मिक स्थिति - गुप्त काल में बौद्ध धर्म को राजाश्रय मिलना समाप्त हो गया था। तथा भागवत धर्म केंद्र बिंदु बन गया था विष्णु इसके इष्ट देवता थे वर्तमान में प्रसिद्ध हिंदू धर्म के फलस्वरूप का निर्माण किस युग में हुआ था। इस काल में त्रिमूर्ति अर्थात ब्रह्मा जिसे सृजन करने वाला कहा जाता था और विष्णु जिसे पालन करने वाले कहा जाता था तथा महेश जिसे संहार करने वाला देवता कहा जाता था इनकी पूजा प्रारंभ हुई भागवत गीता की रचना इसी युग में हुई मूर्ति पूजा सामान्य तौर पर प्रचलित में आ चुकी थी गुप्त युग में ही मथुरा एंव वल्लभी में जैन सभाओं का आयोजन हुआ ।
इन की सामाजिक स्थिति में बाल विवाह एवं बहु विवाह की प्रथा व्यापक हो गई थी देवदासी प्रथा की भी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं शूद्रों की दशा में थोड़ा सुधार हुआ था परंतु छुआछूत की प्रथा से जुड़े जमानी शुरू हो गई थी। फह्यान के अनुसार चांडाल समाज के बहिष्कृत थे और वह गांव से बाहर बसा करते थे उच्च जाति के लोग उसे घृणा करते थे कुमारगुप्त के शासन के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। तथा स्त्रियों को जातियों में विभक्त हो गई थी। स्त्री की दशा पहले से निम्न हो गई थी इसी काल में स्त्री सती प्रथा की प्रथम घटना का उल्लेख मिलता है।