चक्रवात केे आकार की दृष्टि से Tornado लघुतम होता है, परंतु प्रभाव के दृष्टिकोण से सबसे प्रलय कारी तथा प्रचंड होता है ।Tornado मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका तथा गौड़ रूप से ऑस्ट्रेलिया में उत्पन्न होते हैं ,इनका आकार एक कीप या छलनी के समान होता है ,जिसका पतला भाग धरातल से संबंधित होता है। चौड़ा भाग ऊपर कपासी वर्षा मेघ से जुड़ा होता है ।छलनी की व्यास निचले भाग में 90 से 460 मीटर तक होती है तथा इसका रंग काला होता है ,क्योंकि इसके साथ धूल, रेंत तथा मलवा बड़ी मात्रा में मिले होते हैं । Tornado के केंद्र में वायुदाब न्यूनतम होता है ,तथा केंद्र और परिधि के वायुदाब में इतना अधिक अंतर होता है कि हवाएं तीव्र गति से केंद्र की ओर झपटती हैं । यही कारण है कि Tornado में हवाएं 8 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से प्रवाहित होती हैं जो कि किसी भी प्रकार के चक्रवात से अधिक तेज हैं।
टारनैडो की उत्पत्ति
Tornado की उत्पत्ति मुख्यतः वाताग्रों से संबंधित है । जहां पर शीत वाताग्र के सहारे ध्रुवीय ठंडी हवाएं आर्द्र उष्णकटिबंधीय गर्म हवाओं को ऊपर ठेलती हैं,तो Tornado की उत्पत्ति के लिए दशाएं प्राप्त हो जाती हैं। कभी-कभी धरातलीय भाग के स्थानीय रूप से अचानक गर्म होने के कारण संवहन तरंगे उठती हैं, जिनसे Tornado की उत्पत्ति हो जाती है, 1967 में कैलिफोर्निया के वैज्ञानिक रोसो ने Tornado की उत्पत्ति से संबंधित अपने नए सिद्धांत में बताया है कि इनकी उत्पत्ति दो मेघ राशियों के आकर्षण के कारण होती है यद्यपि Tornado वर्ष में किसी समय उत्पन्न हो सकते हैं परंतु मुख्य रूप से बसंत काल तथा ग्रीष्म काल में अधिक उत्पन्न होते हैं