वायुमंडल में जलवाष्प की भूमिका-

जलवाष्प- वायुमंडल में इसकी मात्रा तापाधारित होती है। समानता यह 0 से 4% तक पाई जाती है गर्म तथा आर्द्र  कटिबंध में यह हवा के आयतन का 4% होती है ।जबकि ध्रुव जैसे ठंडे तथा रेगिस्तानोंं जैसे शुष्क प्रदेशों में यह हवा के आयतन के 1% भाग से भी कम होती है। विषुवत वृत्त से ध्रुव की तरफ जलवाष्प की मात्रा कम होती जाती है। भूतल से 5 किलोमीटर तक वायुमंडल में समस्त वाष्प का 90% भाग पाया जाता है। कार्बन डाइऑक्साइड की भांति जलवाष्प भी ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करती है। इसके कारण ही सभी प्रकार के संंघनन एवं वर्षण तथा उनके विभिन्न रूप यथा- बादल, तुषार, जलवृष्टि, हिम  एवं ओला आदि का सृजन होता है ज्ञातव्य है कि वायुमंडल में समस्त जलमंडल का 0.001% भाग  सुरक्षित रहता है।

जलवाष्प वायुदाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है अर्थात जलवाष्प की मात्रा बढ़ने पर वायुदाब में कमी आ जाती है।

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