राष्ट्रपति का निर्वाचन इलेक्टोरल कॉलेज के द्वारा किया जाता है| इन इलेक्टोरल कॉलेज निर्वाचक मंडल के सदस्य होते हैं लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और इसके अलावा सभी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य |
विधान परिषद् के सदस्य उसके सदस्य नहीं होते. लोकसभा और राज्यसभा के नामांकित सदस्य भी इसके सदस्य नहीं होते हैं|
लेकिन इन सभी के मतों का मूल्य अलग-अलग होता है. लोकसभा और राज्यसभा के मत का मूल्य एक होता है और विधानसभा के सदस्यों का अलग होता है. ये राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होता है|
इसमें मशीन का इस्तेमाल नहीं होता है|
2. अगर राष्ट्रपति का चुनाव टाई होता है-
टाई होने के बारे में संविधान बनाने वाले ने संकल्पना नहीं की थी| इसलिए इसके बारे में जिक्र नहीं है| राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर जो 1952 का कानून है उसमें भी इसका जिक्र नहीं है| ऐसी स्थिति आज तक आई भी नहीं है और आने की संभावना भी नहीं दिखती है.