कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के अर्थ -1
अग्रगामी रंगते:- ऐसे शुद्ध रंग जो अमिश्रित होने के कारण चमकीली दिखायी देती है तथा अन्य रंगों स आगे बढ़ती हुयी प्रतीत होती है जैसे- लाल एवं नारंगी। प्रमुख रूप से गर्म रंग ही अग्रगामी रंगतों में शामिल किया जाता है।
अग्रभूमि:- चित्रभूमि का वह स्थान जिसे दर्शक निकट से देखता है, अग्रभूमि कहलाता है।
अतिप्रकाश:- वस्तु का वह भाग जो सबसे अधिक प्रकाशित होता है, अति प्रकाश की श्रेणी में रखा जाता है।
आलंकारिक:- आकृतियों के उस स्वरूप में जिसमें प्राकृृतिक रूपों मं अतिशयता, सूक्ष्मता एवं ज्यामितीयता के प्रभाव से सौन्दर्य उत्पन्न किया जाता है।
अभिप्राय:- किसी विषय, आकृति अथवा घटना का बारम्बार अंकित किये जाने वाले परम्परागत रूप को अभिप्राय कहा जाता है जैसे- स्वास्तिक, योगी, मेडोन्ना, ईसा की सूली, ताण्डव इत्यादि।
आद्र्र भित्ति चित्रण:- भित्ति चित्रण की ऐसी विधि जिसमें दीवार के गीले पलस्तर पर पतले-पतले रंग लगाये जाते है और यह पलस्तर सूखने के साथ ही पक्का हो जाता है।
अन्तराल:- चित्रभूमि के समस्त विस्तार को अन्तराल कहा जाता है, यह दो प्रकार का होता है।
1. सक्रिय अन्तराल। 2. सहायक अन्तराल।
अल्ला प्राइमा:- जब चित्र को बनाते समय एक बार में ही रंग लगाकर चित्र को पूरा कर दिया जाता है, उसे अल्ला प्राइमा कहते है।