कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के अर्थ
अभिभूत रंग:- जब चित्र में अन्य रंगों के कारण किसी रंग का प्रभाव नष्ट हो जाता है तो ऐसे रंग को अभिभूत रंग कहा जाता है।
आकार तत्व:- कला सृजन में प्रयुक्त रचना के मूल आधार जैसे - रेखा,लय,रंग,सुसंगति को आकार तत्व के अन्तर्गत शामिल किया जाता है।
अनुपात:- चित्र की दो दिशाओं, आृतियों,वर्णों के क्षेत्रफलों के परस्पर सम्बन्ध को अनुपात कहा जाता है।
कलाकार/शिल्पी:- चित्रकला,मूर्तिकला,आरेखण जैसी हस्तकौशल पर आधारित ललित कलाओं में निजी कल्पना के साथ अभिव्यक्तिपूर्ण सृजनशील कृतियाँ बनाने में निपुण व्यक्ति को कलाकार/शिल्पी कहा जाता है।
उच्च कलाएँ:- सभी दृश्य कलाओं में से चित्रकला,मूर्तिकला और वास्तुकला को उच्च कला की श्रेणी में रखा गया है।
उपयोगी कलाएँ:- वे कलाएँ जिनका प्रमुख लक्ष्य उपयोग रहता है जैसे- बढ़ईगीरी को उपयोगी कला कहा जाता है।
एकेडेमिक पद्धति:- जब चित्रांकन करने के लिए कलाकार चित्र में अपनी इच्छानुसार कोई परिवर्तन नही कर सकता है तो उस चित्रांकन विधि को एकेडेमिक पद्धति कहा जाता है।
एक्शन पेंटिग:- चित्रभूमि पर रंग छिड़कने,फेकने,टपकाने अथवा बहा देने से जो अमूर्त प्रभाव उत्पन्न होता है उसे संयोजन की दृष्टि से कुछ सुधार दिया जाता है, इसे ही एक्शन पेंटिग कहा जाता है।
खनिज वर्ण:- जब मिश्रित रंगों का निर्माण करने वाले वर्णों को बिना मिश्रण किये अलग-अलग बिन्दुओं के रूप में प्रयोग किया जाता है तो उसे खण्डित वर्ण कहा जाता है।
खनिज वर्ण:- ऐसे रंग जो मिट्टी तथा अन्य पदार्थों के माध्यम से निर्मित मिकये जाते है खनिज रंग कहलाते है, जैसे- गेरू,खड़िया,रामराज,हिरौजी इत्यादि।