आजकल इन दिनों कृषि संकट और किसानों के संकट की चर्चा बहुत हो रही है इसलिए हम भी इसी संकट के खोजे जा रहे हैं यह भी सच है कि यह संकट इसलिए दिनों काफी बड़ा है और इसने पूरे ग्रामीण क्षेत्र को परेशान करके रख दिया है। कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या और किसान संगठनों के आंदोलनों ने पूरे देश को ना सिर्फ झकझोर बल्कि समस्या की गंभीरता का भी एहसास करा दिया इसलिए इस पर चर्चा भी शुरू हुई और सरकारों पर नीतियों में बदलाव का दबाव भी बना मगर इससे निपटने के लिए लगातार की जा रही कोशिशों के बीच गांव के दूसरे संकट या गांव के दूसरे को के संकट लगातार नजरअंदाज हो रहे हैं। जबकि ऐसा कुछ संकट तो काफी पहले से चले आ रहे हैं और लगातार बढ़ भी रहे हैं यदि दस्टकारों की बात करें तो उनकी परंपरागत आजीविका पिछले कुछ समय मैं बड़े स्तर पर छिनती ही चली गई है।
भूमिहीन मजदूर परिवारों पर नजर डालें तो उनकी आर्थिक स्थिति हमेशा सबसे कठिन रही और आज भी बनी हुई है एक अन्य हकीकत यह भी है कि भूमिहीन या लगभग पूरी भूमिहीन परिवारों की संख्या गांवों में बढ़ती जा रही है।
जरूरत यह भी है कि हमें खेती का संकट दूर करने के साथ ऐसी व्यापक नीतियां अपनाने चाहिए जिनसे सभी गांव वासियों का लाभ एक साहू और टिकाऊ तौर पर पूरे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो जिसे हम कृषि संकट कह रहे हैं वाबी दरअसल कहीं ना कहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकट ही है पहले आधुनिक उद्योग व्यवस्था ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कई तरह से नुकसान पहुंचाया था कई तरह की दस्तकारी और ग्रामीण उद्योगों को चरण से बाहर कर दिया था और अब आधुनिक व्यवस्था और मौद्रिक नीतियों ने कृषि के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।
जबकि हमें ऐसी आर्थिक नीतियों की जरूरत है जिससे गांव या कस्बे स्तर पर बड़े पैमाने पर ऐसे टिकाऊ रोजगार का सृजन हो जो लोगों की जरूरतों को अपेक्षाकृत तकनीकों से पूरा कर सके दूसरों को न्यूनतम रखने का ध्यान आरंभ से ही दिया जाए दूसरी ओर खेती में भी अपेक्षाकृत श्रमधन व बेहद कम खर्च वाली ऐसी तकनीक को अपनाया जाए जो पर्यावरण के अनुकूल हो जल संरक्षण व स्थानीय वनस्पति से हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जाए।
पंचायत राज या विशेषकर ग्राम सभाओं की सशक्त किया जाए और इसमें कुछ जरूरी सुधार किए जाएं सभी पंचायतों के स्तर पर ऐसे साधन संपन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जो अधिकांश समाज बीमारियों के निशुल्क इलाज, सुरक्षित जन्म, टीकाकरण में सक्षम हो और गंभीर बीमारियों के सस्ते इलाज के लिए बड़े शहरी अस्पतालों से जुड़े हो अच्छी गुणवत्ता कीवा नैतिक गुणों के समावेश वाली निशुल्क सरकारी शिक्षा व्यवस्था गांव में उपलब्ध, जिसमें पर्यावरण रक्षा वाहिनी संसाधनों के बेहतर उपयोग का भी समावेश हो। ऊर्जा के स्रोतों को अधिक महत्व दिया जाए।