इज आफ डूइंग बिजनेस सूचकांक-२-

  • भारत सरकार द्वारा इस सूची में  देश को टॉप 50 मे लाने का लक्ष्य रखा गया है । भारत द्वारा सबसे ज्यादा सुधार 'निर्माण अनुमति' और सीमापार व्यापार के क्षेत्र में किया गया है। निर्माण परमिट की स्वीकृति देने के मामले में भारत की रैंकिंग वर्ष 2017 की 181 वीं से बेहतर होकर वर्ष 2018 में 52 में हो गई है । जो एक वर्ष में 129 रन के अभूतपूर्व सुधार को दर्शाता है । 
  • विश्वबैंक द्वारा प्रत्येक वर्ष आसान कारोबार वाले देशों की सूची जारी की जाती है इस रैंकिंग में 'श्रम बाजार विनियमन' के साथ देशों को 10 पैमानों पर आंका जाता है ।
  • इजऑफ डूइंग बिजनेस सूचकांक में शामिल 10 संकेतक इस प्रकार हैं- कारोबार शुरू करना, निर्माण पर मिटी से निपटना, विद्युत प्राप्त करना, संपत्ति पंजीकृत करना, ऋण प्राप्त करना , अल्पसंख्यक निवेशकों की सुरक्षा , करों का भुगतान करना , सीमा पार व्यापार करना और बंधुओं को लागू करना तथा दिवालियापन का समाधान करना है ।
  • अतः'इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' लगातार बढ़त से देश की अर्थव्यवस्था को तो सहारा मिलेगा ही विदेशी निवेश भी बढ़ेगा जीससे शेयर बाजार में तेजी आएगी  और विदेशी निवेश बढ़ने से देश में रोजगार के नए अवसर बनेंगे ।
  • भारत में कारोबारी माहौल बेहतर होने से दुनिया भर की कंपनियां तेजी से भारत में निवेश बढ़ा सकते हैं । ऐसे में देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे ।
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