अकबर के नवरत्न-

             अकबर के नवरत्न-

नवरत्न एक ऐसा शब्द था जोकि भारत के सम्राट की अदालत में नौ असाधारण लोगों के समूह के लिए प्रयोग किया जाता था| जैसा की हम सभी जानते हैं कि महान सम्राट अकबर एक निरक्षर राजा था परन्तु निरक्षर होने के बावजूद भी वह अपने साम्राज्य में कलाकारों और बुद्धिजीवियों को काफी बढ़ावा देता था| अकबर के महान दिमाग में ज्ञान प्राप्त करने और सीखने का जूनून था और इसी जुनून के कारण उसने 9 प्रतिभाशाली लोगों को अपने राज दरबार में एक अलग स्थान और पद प्रदान किया | इन 9 व्यक्तियों के समूह को अकबर के नवरत्न के नाम से जाना जाता है| अकबर के नवरत्नों का सविस्तार वर्णन अग्रलिखित है-

बीरबल- अकबर के नवरत्नों में बीरबल का नाम प्रमुख एवं अग्रणी है| बीरबल का जन्म सन 1528 में कालपी में हुआ था, जोकि मध्य प्रदेश में स्थित है| बीरबल के बचपन का नाम महेश दास था| और यह एकमात्र ऐसे हिंदू राजा थे जिन्होंने अकबर के द्वारा संचालित दीन-ए-इलाही धर्म को ग्रहण किया था| यूसुफ जाईयों के विद्रोह को दबाने में बीरबल की मृत्यु हो गई थी और अकबर ने बीरबल को राजा की उपाधि दी थी|

टोडरमल- अकबर के नवरत्नों में से एक टोडरमल का जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुआ था| आपने अपना कार्यकाल शेरशाह सूरी के समय में शुरू किया था| अकबर के शासनकाल में आप एक वित्त मंत्री के पद पर कार्यरत थे| टोडरमल ने ही सन 1580 ईस्वी में दहसाला बंदोबस्त प्रणाली लागू की थी| टोडरमल ने ही जलालुद्दीन मोहम्मद को अकबर की उपाधि प्रदान की थी|

तानसेन- महान संगीतज्ञ तानसेन अकबर के दरबार में संगीतज्ञ के रूप में कार्यरत थे| तानसेन के बचपन का नाम तनु पांडे था| तानसेन की जन्म तिथि और जन्म का स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन अधिकांश इतिहासकारों ने इनकी जन्म तिथि 1500 के आस पास बताई है| तानसेन का मकबरा मध्य प्रदेश का जिला ग्वालियर में स्थित है|

बैरम खान- बैरम खान का जन्म बदख्शां में हुआ था और वह अकबर के संरक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए थे| बैरम खान ने ही अकबर को तलवारबाजी एवं युद्ध कला में पारंगत किया था| कालांतर में कुछ मतभेदों के कारण अकबर ने बैरम खां को अपने मंत्रिमंडल से निष्कासित कर दिया था और तीर्थ यात्रा पर जाते हुए उड़ीसा के पास में बैरम खां की हत्या कर दी गई थी|

Posted on by