अवध एवं उत्तर कालीन मुगल सम्राट-1

अवध

      अवध का नबाव आसफुद्दौला (1775-95) ने अपनी राजधानी फैजाबाद से लखनऊ स्थानान्तरित कर दिया था। उसने 1784 में लखनऊ में इमामबाड़े का निर्माण करवाया था।

      सआदत अली खाँ ने सहायक संधि स्वीकार कर इलाहाबाद का किला अंग्रेजों को दे दिया था।

      वाजिद अली शाह अवध का अन्तिम नवाब था।

      जहाँदार शाह- (1712-1713ई0) इसने अपने शासन काल में लालकुमारी

उत्तर कालीन मुगल सम्राट

      बहादुर शाह- (1707-1712)ई0 शाहे बेखबर उपनाम से पुकारा जाता था।

      जहाँदार शाह- (1712-1713ई0) इसने अपने शासन काल में लालकुमारी नामक वेश्या को शासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे दिया था। इसे  लम्पट मूर्ख कहा जाता था।

      मुगल कालीन इतिहास में सैय्यद बन्धु हुसैन अली एवं अब्दुल्ला खाँ को शासक निर्माता के रूप में जाना जाता है।

      फर्रूखसियर (1713-1719ई0) के बीच शासन किया इसे घृणित कायर कहा गया है।

      फर्रूखसियर सैय्यद बन्धुओ के सहयोग से शासक बना।

      रोशन अख्तर 1719ई0 मंे सैय्यद बन्धुओ के सहयोग से मुहम्मद शाह (1719-1748ई0) के नाम से दिल्ली सिंहासन पर बैठा।(1719-1748ई0)

      मुहम्मद शाह को उसके कामुक्ता एवं विलासिता के कारण रंगीला भी कहा जाता था।

      मुहम्मद शाह ने जजिया कर को अन्तिम रूप से समाप्त कर दिया था। ;प्डच्द्ध

      मुहम्मद शाह के ही समय मेें फारस के सम्राट नादिर शाह ने 1739ई0 में  दिल्ली पर आक्रमण किया था।

-शेष अगले भाग में

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