अवध एवं उत्तर कालीन मुगल सम्राट-2

नादिरशाह को ईरान का नेपोलियन कहा गया था।

      तख्ते ताउस (मयूर सिंहासन) पर बैठने वाला अन्तिम मुगल शासक मुहम्म्द शाह रंगीला था।

      अहमदशाह(1748-54ई0)(मुहम्मद शाह रंगीला का उत्तराधिकारी)- इसी के काल में अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली ने पंजाब पर अपना पहला आक्रमण किया था।

      आलमगीर द्वितीय (1754-59ई0) अहमद शाह के बाद अगला मुगल शासक)

      शाहआलम द्वितीय (1759-1806ई0)के शासन काल में पानीपत का तृतीय युद्व लड़ा गया था।

      शाहआलम द्वितीय के समय में (1803) में अंग्रजों में दिल्ली पर कब्जा कर लिया था।

      गुलाम कादिर खाँ ने शाहआलम द्वितीय की हत्या करवा दी थी।

      बहादुरशाह जफर द्वितीय अन्तिम मुगल सम्राट था।जो जफर नामक उपनाम से शायरी किया करते थे।

      1857 की क्रान्ति में भाग लेने के कारण अंग्रेजों द्वारा बहादुर शाह जफर को बन्दी बना लिया गया एवं रंगून निर्वासित कर दिया गया था।

      अहमदशाह अब्दाली ने भारत पर आठ बार आक्रमण किया था। (पहला आक्रमण अहमद शाह के समय मंें)

      मुगल बादशाह मुहम्मदशाह रंगीला के काल मंे मुगलोें से अनेक राज्य स्वतंत्र हो गये थे।

स्वतंत्र होने वाले राज्य एवं उनके संस्थापक निम्नवत प्रकार से है:-

1.    अबध        -     सआदतखाँ

2.    हैदराबाद     -     चिनकिलिचखाँ या निजामउल मुल्क (आसफशाह)

3.    बंगाल       -     मुर्शीद कुली खाँ

4.    कर्नाटक      -     सादुतुल्ला खाँ

5.    रूहेलखण्ड    -     बीर दाउद एवं अली मुहम्मद खाँ 

6.    भरतपुर            -     चूरामन एवं बदन सिंह।

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