गुलाम वंश और उसके महत्वपूर्ण शासकों का संक्षिप्त विवरण भाग-2

                  इल्तुतमिश (1210 - 1236)

इल्तुतमिश को गुलामों का गुलाम कहा जाता था। इससे ऐबक ने अपनी बेटी की शादी किया था और बंदायू का इक्तादार बनाया । 1210 में अमीरों ,उलेमाओ और कुलीनो की सहायता से सुल्तान का पद प्राप्त करने में सफल हुआ। गोरी के आदेश पर इसे दास्तां से मुक्त किया गया था।  आराम शाह को इसने जूद की लड़ाई में पराजित कर उसकी हत्या कर दिया। इसने लाहौर के स्थान पर दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया इस प्रकार दिल्ली का पहला सुल्तान इल्तुतमिश को कहा गया।

दिल्ली सल्तनत का पहला वैधानिक सुल्तान इल्तुतमिश को माना जाता है।

दिल्ली सल्तनत की चुनौतियों का समाधान करने में काफी हद तक इसने सफलता प्राप्त की इसलिए इसे दिल्ली सल्तनत का वास्तविक सुल्तान कहा जाता है।

इल्तुतमिश ने तुर्क--चहलगान नामक नया विभाग बनाया था । इल्तुतमिश ने दो नए सिक्के जारी किए थे, चांदी का टंका और तांबे का जीतल

इसने न्याय की जंजीर स्थापित करवायी थी, इसने अपने सिक्कों पर सर्वप्रथम अरबी लिपि का प्रयोग किया था इल्तुतमिश के समय मिनहाज उल सिराज को दरबार की तरफ से संरक्षण प्रदान किया गया था । इल्तुतमिश के द्वारा दिल्ली के पास एक मदरसा का निर्माण करवाया गया था। जिसका नाम मदरसा--मुइजी रखा गया था।

1236 ईस्वी में इल्तुतमिश की मृत्यु हो गयी।

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