ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग

ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग संसार का सबसे लंबा रेलमार्ग है। जो लेनिन ग्रांड से ब्लादिबोस्टक तक 9560 किमी की लंबाई में निर्मित है इसका निर्माण 1891 के बीच हुआ था 1945 में इस रेलमार्ग को दोहरा पथ बना लिया गया जिससे दोनों ओर की रेलगाड़िया बिना रुकावट के चलती रहे । इस रेलमार्ग का निर्माण पश्चिम एवं पूर्व से सम्बन्ध जोड़ने के साथ ही साइबेरिया के संसाधनों एवं वन कृषि के दोहन हेतु किया गया साइबेरिया के सभी नगर इस रेलमार्ग पर स्थित हैं लेनिन ग्रांड से यह मार्ग दो शाखाओं में बटकर मास्को आता है। मास्को से ओमस्क जंक्शन के बीच इसकी दो शाखाएं हैं जिसमे एक उजान नगर से तथा दूसरी उर्स्क नगर से आती है। ओमस्क से पूर्व में चिता जंक्शन तक इसकी एक ही शाखा है, मध्य में नेवासी , विरस्क तोम्स्क तथा  इरकुटास्क नगर प्रमुख हैं। चीता जंक्शन से एक शाखा ख़बाटौवस्क होकर तथा दूसरी चोगचुन होकर ब्लादिबोस्टक पहुंचती है । इस रेलमार्ग का चीन की राजधानी बीजिंग से सम्बंधित है । निर्मित वस्तुएं साइबेरिया को तथा साइबेरिया से कच्चा माल जैसे - वनों के पदार्थ , गेहूं , मक्खन , पनीर  , चर्बी , खालें , ऊन, समूर, खनिज पदार्थ आदि यूरोपीय रूस को जाता है।
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