?गाजा? क्या है

‘गाजा’ तूफान का नाम संस्कृत के शब्द गज से बना है, जिसका मतलब होता है हाथी।इस चक्रवाती तूफान को ये नाम श्रीलंका के वैज्ञानिकों ने दिया है। मालूम हो कि श्रीलंका में हाथियों की अच्छी तादात है और वहां उन्हें काफी सम्मान के तौर पर देखा जाता है। 

श्रीलंका के रईस लोगों में इन दिनों हाथियों के बच्चे पालने का भी एक नया चलन शुरू हो चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी वजह से वैज्ञानिकों ने इस तूफान का नाम ‘गाजा’ रखा है।

अलग-अलग रीजन में उठने वाले तूफानों को अलग-अलग चेतावनी केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा नाम दिया जाता है। इसका मकसद ये होता है कि वैज्ञानिकों, आम जनता और चेतावनी केंद्रों के बीच संचार में सुविधा हो और किसी तरह की गलतफहमी न हो। 

सामान्यतः भविष्य में आने वाले तूफानों के नाम पहले ही रख कर उनकी सूची तैयार कर ली जाती है। जैसे ‘गाजा’ के बाद अगला तूफान ‘फेथाई’ होगा। इसका नामकरण थाईलैंड के वैज्ञानिकों ने किया है। इस तूफान के भी इस वर्ष के अंत तक आने की आशंका है।

दुनिया भर में चक्रवातों के नाम रखने की शुरुआत 1953 से हुई। इसके पहले इस अवधारणा का विकास नहीं हुआ था। 1953 से वर्ल्ड मेटीरियोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन (डब्लूएमओ) और मायामी नेशनल हरीकेन सेंटर ने चक्रवातों के नाम रखने की परंपरा शुरू की।डब्लूएमओ जेनेवा स्थित राष्ट्र संघ की एजेंसी है।

डब्लूएमओ, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में आने वाले चक्रवातों के नाम रखता आया है। लेकिन 2004 में डब्लूएमओ की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय पैनल को भंग कर दिया गया। इसके बाद सभी देशों से अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले चक्रवात का नाम ख़ुद रखने को कहा गया।

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