भारत मे परमाणु ऊर्जा खनिज

यूरेनियम ही एक मात्र परमाणु ईधन है, जिससे नाभिकीय शक्ति का जनन किया जाता है। भारत मे यूरेनियम तो उपलब्ध है किंतु पिचब्लैड , जो कि इस का प्रमुख स्रोत है, के भंडार मोनाजाइट के भंडारों की तुलना में घटिया हैं। भारत परमाणु खनिजो की दृष्टि से सौभाग्यशाली है, क्योंकि यहां पर थोरियम के बड़े भण्डार पाए जाते हैं। किंतु प्राकृतिक थोरियम को पहले यूरेनियम में परिवर्तित किया जाता है, जो कि विखण्डनीय होने के कारण नाभिकीय शक्ति के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। भारत थोरियम को यूरेनियम में परिवर्तित करने में सफल रहा है। थोरियम को यूरेनियम में परिवर्तित करने तथा बाद में इसे परमाणु ईधन के रूप में प्रयुक्त करने की तकनीक एक पायलट संयन्त्र में पूर्ण किये जाने के लिए चल रहे हैं। ऐसी पूरी संभावना है कि भारत में शीघ्र ही थोरियम को एक परमाणु ईंधन के रूप में बिजली के जनन के लिए प्रयोग किया जाने लगेगा ।  परमाणु   ऊर्जा के शांतिपूर्ण उद्देश्य के महत्व को समझते हुए भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा आयोग का गठन किया है, जो देश में परमाणु ऊर्जा सम्बन्धित अनुसन्धान तथा इसके विकास के लिए उत्तरदायी है।
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