तत्वों की कमी से होने वाले रोग

 N - इसकी कमी से पौधों कि पत्तिया पीली पड़ने लगती है।

P - इसकी कमी से पौधों में फल नहीं लगते हैं और फलों की आकृति विकृति हो जाता है।

P - इसकी कमी से पौधों में निर्जीव धब्बे पड़ जाता है।और अनाज के दाने कम लगते हैं।और जिंक की कमी से धान की पत्तियां चितकवरी हो जाती हैं और पीली भी हो जाती है। और वृद्धि रुक जाती है जिसे धान का खैरा रोग कहा जाता है

 Mg - यह क्लोरोफिल  को बचाने के लिए तेल से किसकी कमी से पत्तियां का हर अंग गायब हो जाता है जिससे हरीमहिनता का रोग कहते हैं।

Cu - इसी कमी से नींबू की पत्ती का सिकुड़ने लगती हैं फल फूल गिर जाती है जिससे नीबू का डियाबैक रोग कहते हैं।

 B - इसकी कमी से पौधों में भोजन का ट्रांसपोर्ट रुकने  लगता है। नियान की कमी से बीजों का अंकुरण रुकने लगता है तथा molybdenum की कमी से पत्ता गोभी का फूल गोभी फैल जाती हैं और बेकार हो जाते हैं।

भारत में मिट्टी ओं में एन पी के की कमी से और रासायनिक खाद दे देते समय है इन्हीं तत्वों का विशेष तौर पर इस्तेमाल किया जाता है । ऐ क्रान्तिक तत्व है।

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